Golden Line Metro: दिल्ली मेट्रो की फेज-4 परियोजना के तहत एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. मां आनंदमई मार्ग से तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी तक बनने वाली 792 मीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. इस महत्वपूर्ण चरण के तहत टनल बोरिंग मशीन (TBM) का सफल ब्रेकथ्रू शनिवार को किया गया. जिसमें दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह मौजूद रहे.
गोल्डन लाइन का ब्रेकथ्रू
एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर को जोड़ने वाली यह सुरंग गोल्डन लाइन का अहम हिस्सा है. इससे पहले डीएमआरसी ने इसी कॉरिडोर में छतरपुर मंदिर से इग्नू स्टेशन तक सुरंग निर्माण का काम सफलतापूर्वक पूरा किया था. अब मां आनंदमई मार्ग से तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी तक बनी यह सुरंग यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.
फेज-4 में मेट्रो विस्तार को मिली रफ्तार
दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस निर्माण से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का विस्तार और मजबूती दोनों सुनिश्चित हुई है. उन्होंने कहा “दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट्स की गति में जबरदस्त तेजी आई है. जो परियोजनाएं पहले वर्षों से रुकी थीं, अब तेजी से पूरी हो रही हैं.”
भूगर्भीय चुनौतियों के बीच इंजीनियरों की सफलता
टनलिंग के दौरान इंजीनियरों को कई तरह की भूगर्भीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा. फिर भी परियोजना तय समय में सफलतापूर्वक पूरी की गई. यह मेट्रो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.
फेज-4: 40.1 किलोमीटर में से 19.34 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक
फेज-4 परियोजना के तहत कुल 40.109 किलोमीटर मेट्रो रूट का निर्माण किया जा रहा है. जिसमें से 19.343 किलोमीटर एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के तहत भूमिगत (Underground) होगा. इसका उद्देश्य दिल्ली के दक्षिणी हिस्से से एयरपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण लोकेशनों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी देना है.
एयरपोर्ट तक जाने का मौजूदा रास्ता कितना जटिल?
फिलहाल बल्लभगढ़, फरीदाबाद, बदरपुर और तुगलकाबाद जैसे इलाकों से यात्रियों को एयरपोर्ट जाने के लिए वायलेट लाइन से कालकाजी मंडी उतरना पड़ता है. फिर मजेंटा लाइन से टर्मिनल 1 पहुंचा जाता है.
यदि एयरपोर्ट टर्मिनल 3 जाना हो तो केंद्रीय सचिवालय पर येलो लाइन पकड़नी पड़ती है. फिर नई दिल्ली से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन लेनी होती है. इस पूरी प्रक्रिया में 90 मिनट से दो घंटे तक लग जाते हैं.
गोल्डन लाइन से आसान होगा सफर
गोल्डन लाइन पूरी होने के बाद, बल्लभगढ़, फरीदाबाद और तुगलकाबाद के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी. यात्रा का समय 90 मिनट से घटकर सिर्फ 60 मिनट रह जाएगा. इससे ना केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को बार-बार इंटरचेंज करने से भी छुटकारा मिलेगा.
दक्षिणी दिल्ली को मिलेगा नया इंटरचेंज विकल्प
दक्षिणी दिल्ली में वर्तमान में केवल कालकाजी, लाजपत नगर और हौज खास पर इंटरचेंज की सुविधा है. लेकिन गोल्डन लाइन के तैयार होने से इस क्षेत्र में नया इंटरचेंज स्टेशन जुड़ेगा और यात्री गुरुग्राम से नोएडा या एयरपोर्ट तक का सफर और भी आसान कर सकेंगे.
मेट्रो विस्तार से राजधानी को मिलेगा स्मार्ट ट्रांसपोर्ट नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो का यह विस्तार शहर को स्मार्ट और सतत परिवहन के दिशा में आगे बढ़ाएगा. फेज-4 की सफलता से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, यातायात का बोझ घटेगा और लाखों लोगों को दैनिक आवागमन में सहूलियत मिलेगी.