Monsoon Rain Alert : छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी के बाद मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार शाम राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश ने लोगों को चौंका दिया। इस एक घंटे की तेज बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई और शहर की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई।
बारिश से बिगड़ा जनजीवन, बिजली गुल और सड़कें जलमग्न
बारिश के बाद करीब दो घंटे तक बिजली नहीं आने से कई क्षेत्रों के लोग परेशान रहे। वहीं, तेज़ बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। अचानक हुई इस तेज बारिश से लोग गर्मी से राहत तो पाए, लेकिन जनजीवन कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त हो गया।
15 जून से प्रदेश में दस्तक देगा मानसून
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए 14 जून से अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। इसके बाद 15 जून से मानसून के छत्तीसगढ़ में सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इसका मतलब है कि राज्य में जल्द ही लगातार बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है।
आज के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट
बुधवार यानी 12 जून को भी मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। संभावित प्रभावित जिलों में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद और दंतेवाड़ा शामिल हैं। लोगों से सतर्क रहने और गैर जरूरी यात्राएं टालने की अपील की गई है।
तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिनों में राज्य का तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। लगातार बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण मौसम ठंडा होने लगेगा। यह बदलाव भीषण गर्मी से राहत देने वाला साबित होगा।
प्रदेश में बन रही हैं मानसून को समर्थन देने वाली हवाएं
मौसम विभाग ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवात उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा एक द्रोणिका रेखा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ और उड़ीसा तक विस्तारित है, जो मानसून को आगे बढ़ाने में सहायक मानी जा रही है।
ऊपरी हवा के प्रभाव से सक्रिय हो रहा है सिस्टम
एक अन्य चक्रीय परिसंचरण प्रणाली उत्तर उड़ीसा और आसपास के क्षेत्रों में 1.5 से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक फैली हुई है। साथ ही, हवा का शियर ज़ोन 15 डिग्री उत्तर में 3.1 से 4.5 किलोमीटर तक विस्तारित है। एक पश्चिमी विक्षोभ भी 65 डिग्री पूर्व और 28 डिग्री उत्तर में सक्रिय है, जो सिस्टम को ऊर्जा दे रहा है।
क्या करें लोग: सतर्कता और तैयारी जरूरी
राज्य के नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बारिश के समय घर से बाहर निकलने से बचें, निचले इलाकों में जलभराव से सतर्क रहें और बिजली कटौती के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखें। आने वाले सप्ताह में बारिश की तीव्रता और दायरा दोनों बढ़ने की संभावना है।