सरकारी स्कूलों में होने जा रहा ये बड़ा काम, शनिवार को बच्चों को दी जाएगी खास ट्रेनिंग School Safety Programme

School Safety Programme: बिहार सरकार ने राज्य के 81,000 सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य है कि आपातकालीन परिस्थितियों में छात्र अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। इसके लिए मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष कार्य योजना तैयार की गई है।

‘सुरक्षित शनिवार’ के तहत होगा प्रशिक्षण

कार्यक्रम की शुरुआत राज्य के 9463 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों से की जाएगी। इन स्कूलों में कक्षा 8 और 9 के विद्यार्थियों को हर शनिवार ‘सुरक्षित शनिवार’ के तहत आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण भूकंप, आगजनी, बाढ़ जैसी आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों में जीवनरक्षक उपायों पर केंद्रित होगा।

बच्चों को सिखाया जाएगा आत्मरक्षा और बचाव

इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को यह सिखाया जाएगा कि किसी आपदा के समय खुद को और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, भूकंप के दौरान दरों के नीचे छुपना, आग लगने पर सुरक्षित बाहर निकलने के रास्ते, और बाढ़ जैसी स्थितियों में बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण से जान-माल की क्षति को कम करने में मदद मिलेगी।

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शिक्षकों को पहले मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

इस योजना की प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय से एक-एक शिक्षक को दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में आयोजित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत सोमवार से हो रही है।

हर जिले से आएंगे प्रशिक्षक शिक्षक

प्रशिक्षण को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए हर जिले से 150-150 शिक्षकों के बैच बनाए गए हैं। इन बैचों में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण 26 सितंबर तक पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 9463 स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद बचे हुए स्कूलों के शिक्षकों को अगली प्रक्रिया में प्रशिक्षण मिलेगा।

आदेश जारी, जिला स्तर पर भी होगी निगरानी

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा इस योजना को लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि सभी स्कूलों में यह कार्यक्रम समयबद्ध और प्रभावशाली रूप से चले।

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आपदा से पहले की तैयारी ही बचाव की कुंजी

यह पहल इसलिए अहम है क्योंकि कई बार आपदाएं अचानक आती हैं और समय पर तैयारी ना होने के कारण जान-माल की भारी क्षति होती है। यदि बच्चों को आपदा के समय त्वरित निर्णय और कार्रवाई की ट्रेनिंग दी जाए, तो वे न केवल अपनी सुरक्षा कर सकते हैं बल्कि दूसरों की भी जान बचा सकते हैं।

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के जरिए राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर छात्र आपात स्थिति में घबराने की बजाय ठोस और प्रशिक्षित कदम उठाए। यह प्रशिक्षण बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और स्कूलों को आपदा-प्रबंधन सक्षम बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

अगले चरण की भी तैयारी शुरू

26 सितंबर के बाद शेष स्कूलों में भी इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सरकार की योजना है कि आने वाले महीनों में राज्य के हर शिक्षक और छात्र को आपदा प्रबंधन का विशेषज्ञ बनाया जाए, ताकि कोई भी आपदा तैयारी के अभाव में गंभीर नुकसान न पहुंचा सके।

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