New 6 Lane Highway: उत्तर प्रदेश में बरेली से मथुरा तक सफर करने वाले लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है. केंद्र सरकार के एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत 228 किलोमीटर लंबा 6 लेन हाईवे बनाया जा रहा है, जो मथुरा से होते हुए हाथरस, कासगंज, बदायूं होते हुए बरेली तक पहुंचेगा. इस हाईवे का निर्माण कार्य चार चरणों में पूरा किया जाएगा.
चार पैकेज में होगा हाईवे निर्माण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस पूरे कॉरिडोर निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहा है. इस प्रोजेक्ट को चार अलग-अलग पैकेजों में बांटा गया है:
- पहला चरण: मथुरा से हाथरस
- दूसरा चरण: हाथरस से कासगंज
- तीसरा चरण: कासगंज से बदायूं
- चौथा चरण: बदायूं से बरेली
खास बात यह है कि पहले चरण में मथुरा से हाथरस तक का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिसे पीएनसी इंफ्रा और अन्य कंपनियों द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है.
बदायूं से बरेली तक होगा अंतिम चरण का निर्माण
चौथे और अंतिम चरण में बदायूं से बरेली तक करीब 37 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण किया जाएगा. इस हिस्से की जिम्मेदारी हरियाणा की धारीवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चरण का निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 तक शुरू हो सकता है. इस पूरे पैकेज पर 600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, और कंपनी को कार्य समय से पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है.
12 गांवों की जमीन का अधिग्रहण
इस हाईवे निर्माण के तहत बदायूं जिले के 12 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. इनमें शामिल हैं चंदनगर, करतौली, कुतुबपुरथरा, वाकरपुर खंडहर, रहमा, डुमैरा, उझैली, रसूलपुर, ढकिया, मलिकपुर, मलगांव, घटपुरी और बिनावर. इन गांवों की कुल 33.4310 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की जाएगी. जिसके लिए करीब 60 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया है. प्रशासन की ओर से मुआवजे का वितरण धीरे-धीरे शुरू कर दिया गया है. जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ होगा.
हाईवे से बदलेगी यात्रा की रफ्तार और संरचना
हाईवे का निर्माण पूरा हो जाने के बाद बरेली से मथुरा का सफर तेज, सुरक्षित और बिना जाम के पूरा किया जा सकेगा. इस परियोजना के तहत आबादी वाले इलाकों में अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. ताकि स्थानीय आवागमन पर कोई प्रभाव न पड़े. फिलहाल बरेली से मथुरा पहुंचने में जो समय लगता है, हाईवे बनते ही वह काफी कम हो जाएगा. इससे पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक विकास को भी बल मिलेगा.
7700 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह मेगा कॉरिडोर
पूरे मथुरा-बरेली कॉरिडोर को करीब 7700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि इस हाईवे को अगले दो वर्षों के भीतर पूरा कर दिया जाए. यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा और नई औद्योगिक संभावनाओं के द्वार खोलेगा.
क्यों है यह हाईवे प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण?
- स्थानीय रोजगार और रियल एस्टेट को मिलेगा बढ़ावा
- उत्तर प्रदेश के धार्मिक और व्यापारिक शहरों को जोड़ेगा
- राज्य के आंतरिक जिलों को तेज कनेक्टिविटी देगा
- हाईवे के किनारे विकसित होंगे नए व्यापारिक केंद्र
- ग्रामीण इलाकों के लोगों को मिलेगा बेहतर परिवहन विकल्प