Rajasthan Tourist Places : राजस्थान के अलवर जिले में एक ऐसी जगह है, जो गर्मी में भी आपको शीतलता का एहसास कराती है। इस स्थान का नाम है पुरजन विहार, जिसे स्थानीय लोग ‘अलवर का शिमला’ भी कहते हैं। यह एक ऐतिहासिक और सुंदर हेरिटेज पार्क है, जिसकी बनावट और हरियाली इसे अन्य पर्यटन स्थलों से बिल्कुल अलग बनाती है।
क्यों पड़ा ‘शिमला’ नाम? जानिए दिलचस्प इतिहास
इस पार्क का इतिहास 1885 ईस्वी से जुड़ा है, जब अलवर के महाराजा मंगल सिंह ने इसे एक खास उद्देश्य से बनवाया था। उस समय यह जगह बाकी राजस्थान की तुलना में काफी ठंडी रहती थी, इसलिए उन्होंने इसका नाम ‘शिमला’ रख दिया। गर्मी से राहत पाने के लिए यह एक प्राकृतिक और शांत स्थल के रूप में उभरा।
ब्रिटिश काल में ‘कंपनी गार्डन’ के नाम से था मशहूर
पुरजन विहार को ब्रिटिश शासन के दौरान ‘Company Garden’ कहा जाता था। यहां पर कई दुर्लभ और सजावटी पौधे-पेड़ लगाए गए थे, जो आज भी इसकी हरियाली और सुंदरता को जीवंत बनाए हुए हैं। यह पार्क अपने शांत माहौल और ठंडे वातावरण के कारण ब्रिटिश अफसरों और राजपरिवार की पसंदीदा जगह हुआ करता था।
फव्वारों और हरियाली से सजी प्राकृतिक ठंडक
इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत यहां के फव्वारे और हरियाली से भरा वातावरण है। फव्वारों से निकलती ठंडी हवा, फूलों की खुशबू और छायादार पेड़ इस जगह को गर्मियों में भी ठंडी जगह बना देते हैं। यही कारण है कि स्थानीय निवासी और पर्यटक यहां सुकून पाने आते हैं।
‘शिमला’ नाम की गहराई में बसी खास संरचना
पार्क के अंदर बनी एक गुम्बदनुमा संरचना भी काफी खास है, जिसे ‘शिमला’ ही कहा जाता है। यह संरचना भूमि से लगभग 25 फीट गहराई में स्थित है। माना जाता है कि इस गहराई के कारण यहां का तापमान अन्य स्थानों से कम रहता है, जिससे यह ठंडी हवाओं का स्रोत बनता है।
पर्यटकों के लिए आदर्श स्थान
पुरजन विहार सिर्फ एक पार्क नहीं, बल्कि मन को सुकून देने वाला ठिकाना है। यहां आप सैर कर सकते हैं, फोटोग्राफी कर सकते हैं, बच्चों के साथ समय बिता सकते हैं या फिर बस हरियाली के बीच बैठकर शांति का अनुभव कर सकते हैं। यह जगह गर्मी से राहत, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिकता का अद्भुत संगम है।
गर्मियों में घूमने के लिए बेहतरीन विकल्प
यदि आप इस गर्मी में कहीं ठंडी और शांत जगह की तलाश कर रहे हैं, तो पुरजन विहार एक आदर्श विकल्प है। यहां का वातावरण न केवल आपको राहत देगा, बल्कि आपको एक ऐतिहासिक स्थल की अनोखी झलक भी देगा। राजस्थान के बीचों-बीच ऐसा अनुभव कहीं और मिलना मुश्किल है।
महत्वपूर्ण सूचना
इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित है। Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी यात्रा या पर्यटन से पहले स्थानीय प्रशासन या टूरिज्म विभाग से पुष्टि करना उचित होगा।