Dog Cat Keeping Rules: अगर आप अलीगढ़ शहर में रहते हैं और पालतू कुत्ता या बिल्ली पालने का शौक रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. नगर निगम ने अब बिना लाइसेंस पालतू जानवर पालने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है. नियमों के अनुसार बिना पंजीकरण के पालतू जानवर पालने पर ₹5000 का जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जानवर को जब्त भी किया जा सकता है.
शहरभर में अभियान, नगर निगम करेगा लाइसेंस चेक
नगर निगम द्वारा अभियान चलाकर घर-घर जाकर डॉग और कैट लाइसेंस की जांच की जाएगी. यह जांच आवासीय कॉलोनियों, अपार्टमेंट्स और मोहल्लों में 15 दिनों तक जारी रहेगी. नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार साल 2024 में जिन पशुओं का पंजीकरण हुआ था. उनका लाइसेंस मार्च 2025 तक वैध था. लेकिन अप्रैल से अब तक सिर्फ 135 लोगों ने ही नए पंजीकरण कराए हैं. जबकि पिछले साल 3350 पंजीकरण किए गए थे.
पंजीकरण नहीं तो कार्रवाई तय
नगर निगम ने साफ किया है कि जिन पशु पालकों के पास वैध लाइसेंस नहीं होगा. उनके खिलाफ नगर निगम अधिनियम की सुसंगत धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कैंप लगाए जाएंगे. जहां लोग आकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं.
पंजीकरण कराने के क्या हैं फायदे?
पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि लाइसेंस मिलने से पालक को “वैधानिक स्वामी” का दर्जा मिलता है. इससे संबंधित कई फायदे हैं जैसे—
- डॉग या कैट द्वारा की गई गंदगी से होने वाली शिकायतों से बचाव
- रेबीज जैसी बीमारियों से सुरक्षा
- पालक और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित
- चालान और कार्रवाई से बचाव
- जानवर का टीकाकरण हुआ है या नहीं, यह प्रमाणित
- जानवर की पहचान में आसानी
पंजीकरण नहीं कराने पर ₹5000 का जुर्माना और पालतू जानवर की जब्ती का प्रावधान है.
पंजीकरण शुल्क की श्रेणियां
नगर निगम द्वारा पंजीकरण शुल्क की तीन श्रेणियां तय की गई हैं:
- विदेशी बड़ी नस्ल के जानवर – ₹600
- विदेशी छोटी नस्ल – ₹500
- भारतीय नस्ल – ₹200
इस शुल्क का भुगतान कर पशु पालक नगर निगम कार्यालय या हेल्पलाइन के जरिए पंजीकरण करा सकते हैं.
नगर निगम ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नगर निगम ने पशु प्रेमियों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- 7500441344
- 18002747047
- 05712750250
- 1533
इन नंबरों पर संपर्क करके लोग पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और घर बैठे भी आवश्यक जानकारी ले सकते हैं.
वेटनरी क्लिनिक और डॉग शो आयोजकों को निर्देश
नगर निगम ने वेटनरी डॉक्टरों और डॉग शो आयोजकों से अपील की है कि वे सभी पशु पालकों को नगर निगम में पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करें. इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर पालतू जानवर का वैध रजिस्ट्रेशन हो और शहर में सार्वजनिक सुरक्षा एवं सफाई बनी रहे.
नगर निगम की बड़ी पहल
यह पहल न सिर्फ कानून के पालन के लिए जरूरी है. बल्कि यह जनहित, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक कदम है. शहर में लगातार बढ़ रही पालतू जानवरों की संख्या और उनसे जुड़ी शिकायतों के बीच यह निर्णय नगर निगम की सतर्कता और सक्रियता को दर्शाता है.