IMD Heavy Rain Alert : देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राहत की खबर दी है। विभाग के अनुसार 11 से 15 जून के बीच देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। खासतौर पर दक्षिण और पश्चिम भारत में तेज बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
दक्षिण भारत में जोर पकड़ रहा मॉनसून
IMD के मुताबिक, 12 से 16 जून के बीच दक्षिण भारत में कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में आने वाले दिनों में गर्जना और तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश होगी। इसके साथ ही कोंकण और गोवा में 13-14 जून को बारिश की तीव्र गतिविधियां देखी जा सकती हैं।
इन राज्यों में तेज हवाएं और बिजली के साथ बरसात
10 से 12 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज हवाएं (50-60 किमी/घंटा) चलेंगी। 13-14 जून को लक्षद्वीप में भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा का अनुमान है।
फसल प्रभावित होने की आशंका, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
भारी बारिश को देखते हुए किसानों को अपनी खड़ी फसल और कृषि कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान की आशंका है।
मध्य भारत में भी सक्रिय हो रहा मॉनसून
10-11 जून को मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 12-14 जून के दौरान इन क्षेत्रों में 60-70 किमी/घंटा की तेज हवाओं और तेज बरसात का पूर्वानुमान है।
उत्तर भारत में गर्म हवाओं का कहर
जहां दक्षिण भारत में बारिश राहत लाएगी, वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण लू का सिलसिला जारी रहेगा। 10-13 जून तक पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और मध्यप्रदेश के हिस्सों में गर्म लहर का प्रकोप बना रहेगा।
इन राज्यों में रहने वाला है ‘ह्यूमिड हीट’ का असर
10 और 11 जून को पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, सिक्किम और उत्तर-पूर्वी राज्यों में गर्मी के साथ उमस भरे मौसम की स्थिति बनी रहेगी। इन क्षेत्रों में उच्च तापमान और नमी के चलते लोगों को काफी परेशानी हो सकती है।
कहां-कहां होगी भारी बारिश?
- 10-12 जून: तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा
- 12-16 जून: केरल, माहे, कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण आंतरिक)
- 13-14 जून: लक्षद्वीप, कोंकण और गोवा
- 11-14 जून: मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र
किसे सतर्क रहने की जरूरत?
IMD ने विशेष रूप से किसानों, यात्रियों, तटीय क्षेत्रों के निवासियों और बिजली आपूर्ति विभागों को सतर्क रहने को कहा है। कई जगहों पर बिजली गिरने, पेड़ों के गिरने और सड़क मार्गों में पानी भरने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।